भाषा व्याकरण लिपि / Hindi Vyakaran Solution for Class 5th

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भाषा व्याकरण लिपि

 

भाषा व्याकरण और लिपि /

Hindi Vyakaran Solution for Class 5th


आज हम बात करेंगे भाषा, व्याकरण और लिपि से सम्बंधित प्रश्न- उत्तरों की , जो कि Class 4th ,5th ,6th के लिए हैं , इन प्रश्न – उत्तरों की सहायता से आपको अपने हिन्दी व्याकरण के नोट्स बनाने में मदद मिल सकेगी और साथ ही साथ आप भाषा किसे कहते हैं ? भाषा के प्रकार , व्याकरण किसे कहते हैं ? लिपि किसे कहते हैं ? विभिन्न भाषाओं की लिपि व भारतीय बोलियाँ इत्यादि टॉपिक को भी आसानी से समझ पाएँगे —

भाषा व्याकरण लिपि

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भाषा व्याकरण लिपि एवं भाषा


भाषा किसे कहते हैं ?
भाषा वह साधन है, जिसके द्वारा हम अपने मन के भावों, विचारों को दूसरों के साथ व्यक्त करते हैं और दूसरों के मन के भावों, विचारों को समझते हैं।

भाषा के कितने प्रकार हैं ?
 दो प्रकार हैं -:

1 मौखिक भाषा ( बोलकर)
2 लिखित भाषा (लिखकर)

मौखिक भाषा किसे कहते हैं ? उदहारण सहित समझाइए।
जब हम अपन मन के भावों और विचारों को मुख से बोलकर व्यक्त करते हैं ।

जैसे – राधा ने पापा को कविता सुनाई।
सुरेश ने गीता पढ़ी।

लिखित भाषा किसे कहते हैं ? उदहारण सहित समझाइए।
जब हम अपने मन के भावों और विचारों को लिखकर व्यक्त करते हैं ।

जैसे – मोहन ने पिताजी को पत्र लिखा ।
मैंने आज एक कविता लिखी।

भाषा के अन्य प्रकार – सांकेतिक भाषा

नोट – सांकेतिक भाषा को , भाषा के मुख्य प्रकारों में नहीं गिना जाता।

सांकेतिक भाषा – जब संकेत या इशारों के द्वारा अपनी बात व्यक्त की जाती है तो वह भाषा सांकेतिक भाषा कहलाती है।

जैसे – ट्रैफिक पुलिस वाले ने इशारा किया बाएँ मुड़ो।

नोट -: इस सांकेतिक भाषा का प्रयोग अधिकतर मूक ( जो बोल नहीं पाते ) और बधिर ( जो सुन नहीं पाते ) व्यक्ति करते हैं।
सांकेतिक भाषा का प्रयोग जीव-जन्तु भी करते हैं।

 

व्याकरण 

 

व्याकरण किसे कहते हैं ? उदहारण सहित समझाओ।
व्याकरण वह शास्त्र है, जो हमें भाषा के शुद्ध रूप और उसके शुद्ध प्रयोग का ज्ञान कराता है।

जैसे – हम दूध खा लिया – अशुद्ध रूप
मैंने दूध पी लिया – शुद्ध रूप

मेरे को तंग मत कर – अशुद्ध रूप
मुझे तंग मत कर – शुद्ध रूप

लिपि

लिपि किसे कहते हैं ?
किसी भाषा को लिखने का ढंग लिपि कहलाता है या किसी भाषा को लिखने के लिए निश्चित किए गए चिह्न लिपि कहलाते हैं।

ध्यान देने योग्य बात – पप्रत्येक भाषा की अपनी एक निश्चित लिपि होती है, जिसमें वह लिखी जाती है। वास्तव में लिपि भाषा को लिखने के लिए निश्चित किए गए चिह्न हैं। हर भाषा के लिए निश्चित चिह्न निर्धारित किए गए हैं जिसे हम लिपि नाम से पुकारते हैं।

जैसे – हिंदी भाषा को लिखने के लिए निश्चित किए गए चिह्न हैं – अ, आ, इ, ई…….इत्यादि।
इसी प्रकार हर भाषा के अपने-अपने चिह्न होते हैं ।
जिन-जिन भाषाओं की लिपि समान होगी उन के चिह्न भी समान होंगे।

जैसे – हिंदी भाषा की लिपि देवनागरी है, इसके अतिरिक्त नेपाली और मराठी भाषा की लिपि भी देवनागरी है। इसीलिए नेपाली और मराठी भाषा भी वैसे ही लिखी जाती है जैसे हिन्दी।

नीचे लिखी भाषाओं की लिपि का नाम बताइए।

भाषा           –               लिपि

हिन्दी           –                देवनागरी
पंजाबी         –                गुरुमुखी
अंग्रेजी         –                रोमन
उर्दू              –                फ़ारसी
संस्कृत         –               देवनागरी
मराठी          –               देवनागरी

बोली

बोली किसे कहते है ?
किसी क्षेत्र विशेष में बोली जाने वाली भाषा बोली कहलाती है, इसका एक सीमित दायरा होता है।

भारत में बोली जाने वाली दस बोलियों के नाम लिखिए।
अवधी, ब्रजभाषा, कन्नौजी, बुंदेली, बघेली, भोजपुरी, कुमाऊँनी, गढ़वाली, राजस्थानी, छत्तीसगढ़ी।

भारत के संविधान में हिन्दी भाषा को राजभाषा के रूप में कब स्वीकारा गया ?
भारत के संविधान में हिन्दी भाषा को राजभाषा के रूप में १४ सितम्बर १९४९ ( 14 september 1949 ) को स्वीकारा गया

भारत के संविधान में कितनी भारतीय भाषाओं को मान्यता प्राप्त है ?
भारत के संविधान में 22 भाषाओं को मान्यता प्राप्त है –

1. असमिया

2. कोंकणी

3. उड़िया,

4.कन्नड़

5.कश्मीरी

6.गुजराती

7.तमिल

8.तेलुगु

9.नेपाली

10.पंजाबी

11.बंगाली

12.मणिपुरी

13.मराठी

14.मलयालम

15.हिन्दी

16.संस्कृत

17.सिंधी

18.उर्दू

19.बोड़ो

20.डोगरी

21.संथाली

22.मैथिली ।

इन्हें भी पढ़ेंराख की रस्सी पाठ solution 

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